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रौशन आनंद बिहार के चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं. उनका जन्म बिहार के सहरसा जिले के धमसेना गांव में हुआ था. उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा रहा है. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से पूरी की. बचपन से ही उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा हासिल की.
उन्होंने लगभग 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया और पढ़ाई व करियर की तलाश में पटना पहुंच गए. पटना में उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. इसके बाद बेहतर तैयारी के लिए वह कोटा भी गए, जहां उन्होंने इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेहनत की.
उनकी मेहनत का परिणाम AIEEE परीक्षा में देखने को मिला, जिसमें उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया. इसके आधार पर उन्हें BIT मेसरा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए प्रवेश मिला. आर्थिक चुनौतियों और कुछ अन्य परिस्थितियों के कारण वह अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके और बीच में ही कोर्स छोड़ना पड़ा.
इंजीनियरिंग छोड़ने के बाद रौशन आनंद ने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की. उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाएं भी दीं और इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सके.
सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान ही उन्होंने छात्रों को पढ़ाना शुरू किया. शुरुआती दिनों में उनके पास संसाधनों की कमी थी. उस समय वह छात्रों से फीस के बजाय कई बार भोजन स्वीकार कर लिया करते थे. इसी दौरान उन्होंने शिक्षण क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया.
इसके बाद 1 सितंबर 2017 को रौशन आनंद ने “ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी” की शुरुआत की. शुरुआत में उनके पास केवल चार छात्र थे. धीरे-धीरे संस्थान में छात्रों की संख्या बढ़ती गई.
रौशन आनंद इन दिनों विवादों में घिर गए हैं. पटना में संचालित उनके कोचिंग संस्थान और खान सर के संस्थान के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर तनाव की चर्चा रही है. इसी बीच हाल ही में हुए एक विवाद के बाद पुलिस ने रौशन आनंद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
पटना के चर्चित कोचिंग विवाद के बीच जमानत पर बाहर आए रौशन आनंद अपने भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होने सहरसा पहुंचे. यहां उन्होंने भाई की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की. वहीं बेटे को खो चुकी मां ने भी मौत को लेकर कई सवाल उठाते हुए न्याय की गुहार लगाई.
ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ी, जहां माहौल गम और गुस्से दोनों से भरा नजर आया. इस दौरान बड़े भाई रौशन आनंद ने फैजल खान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह सच्चाई सामने लाकर रहेंगे. रौशन ने खुद को सनातनी हिंदू बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
नेपाल में प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के बाद रौशन आनंद ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले में जांच जारी है, जबकि खान सर ने आरोपों को खारिज किया है. जानिए अब तक जांच में क्या सामने आया और क्यों बढ़ी सीबीआई जांच की मांग.
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना के दो कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद और कोचिंग संचालक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत के मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले को सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है. तेजस्वी यादव का कहना है कि कोचिंग विवाद के दौरान मारपीट, तोड़फोड़ और गोलीबारी जैसी घटनाएं सामने आई थीं.
जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद जब अपनी कोचिंग संस्था ज्ञान बिंदु एकेडमी पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौजूद थे. छात्रों ने उनका स्वागत किया और परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी भी हुई. इस बीच रौशन आनंद ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया. दूसरी ओर, उनके भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत को लेकर परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है.
बिहार में पटना के फैजल खान से जुड़े चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद रौशन आनंद अदालत से जमानत मिलने के बाद अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सहरसा पहुंचे हैं. यहां उन्होंने बाहर आते ही सीधे-सीधे फैजल खान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा मेरे भाई की हत्या हुई है, यह बड़ी साजिश है. फैजल खान और कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद ने मेरे भाई की हत्या करवाई है.
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