Feedback
माजुली (Majuli) असम का एक अनोखा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जिला है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप माना जाता है. यह ब्रह्मपुत्र नदी के बीचों-बीच स्थित है और प्राकृतिक सुंदरता, वैष्णव संस्कृति तथा सत्र परंपरा के लिए प्रसिद्ध है. वर्ष 2016 में माजुली को आधिकारिक रूप से जिला घोषित किया गया था, इससे पहले यह जोरहाट जिले का हिस्सा था.
2011 की जनगणना के अनुसार माजुली की आबादी लगभग 1.67 लाख है. यहां की जनसंख्या मुख्य रूप से ग्रामीण है और विभिन्न जनजातीय समुदायों जैसे मिसिंग, देओरी, सोनवाल कछारी आदि का महत्वपूर्ण योगदान है. कृषि और मत्स्य पालन यहां के लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है.
माजुली की पहचान उसके प्राचीन सत्रों से है, जिनकी स्थापना 15वीं-16वीं शताब्दी में संत श्रीमंत शंकरदेव और उनके अनुयायियों ने की थी. ये सत्र असम की संस्कृति, नृत्य, संगीत और नाटक के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं.
हाल के वर्षों में ब्रह्मपुत्र नदी के कटाव (बाढ़ और क्षरण) ने माजुली के भौगोलिक क्षेत्र को काफी प्रभावित किया है. इसके बावजूद यह जिला पर्यटन के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां हर साल ‘रास महोत्सव’ बड़े उत्साह से मनाया जाता है, जिसमें देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं.
प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध लोकसंस्कृति और शांत ग्रामीण जीवन के कारण माजुली असम ही नहीं, पूरे भारत का एक विशेष पर्यटन स्थल माना जाता है.
Assam Tourist Places: अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं और किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां प्रकृति, संस्कृति और एडवेंचर तीनों का मजा मिले तो असम आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. यहां की हरियाली, खूबसूरत नजारे और अनोखी परंपराएं लोगों को अपनी ओर खींचती हैं.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

Leave a Reply