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बजिंदर सिंह (Bajinder Singh) का जन्म 10 सितंबर 1982 को हरियाणा के यमुनानगर में हुआ था. वे जाट परिवार से आते हैं. करीब 15 साल पहले, हत्या के एक मामले में जेल में रहने के दौरान, उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया. 2012 में जेल से रिहा होने के बाद, उन्होंने धर्मोपदेश देना शुरू किया और चंडीगढ़ में ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ की स्थापना की. यह चर्च के भारत में 20 और विदेशों में 12 शाखाएं हैं. उनका यूट्यूब चैनल भी है, जिसके 3.75 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं.
मार्च 2025 में मोहाली की एक अदालत ने उन्हें 2018 के एक बलात्कार मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. आरोप था कि उन्होंने एक महिला को विदेश भेजने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया. अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 323 (चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी पाया. सजा सुनाए जाने के बाद, बजिंदर सिंह ने अदालत में अपने छोटे बच्चों और पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए रहम की अपील की, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया.
स्वघोषित पादरी बजिंदर सिंह को पंजाब के पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा सुना दी है. बजिंदर सिंह को सजा के ऐलान के बाद कोर्ट से सीधे मानसा की तमकोट जेल भेजा गया. अभी 2 अन्य मामलों में भी पादरी बजिंदर को सजा का इंतजार है.
पंजाब के पॉक्सो कोर्ट ने रेप मामले में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुना दी है. जिसके बाद बजिंदर सिंह को कोर्ट से सीधे मानसा की तमकोट जेल भेज दिया गया. अभी 2 अन्य केस में भी पादरी को सजा का इंतजार है. पंजाब आजतक में देखें ये पूरा मामला क्या है.
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