सो रहा था ट्रेडर, AI ने कर दिया कमाल, 11 लाख से बना डाले 40 लाख रुपये – AajTak

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सो रहा था ट्रेडर, AI ने कर दिया कमाल, 11 लाख से बना डाले 40 लाख रुपये – AajTak

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क्रिप्टो और AI की दुनिया में एक नई कहानी तेजी से वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि एक AI ट्रेडिंग बॉट ने कुछ ही घंटों में करीब 11 लाख रुपये को 40 लाख रुपये में बदल दिया. यह मामला तब सामने आया जब एक ट्रेडर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कहानी शेयर की.
ट्रेडर के मुताबिक, उसका AI सिस्टम सुबह करीब 3:47 बजे उसे अलर्ट भेजकर जगाता है. बॉट ने सजेस्ट किया की करीब 12,000 डॉलर यानी लगभग 11 लाख रुपये को कई मार्केट्स में लगाने का मौका है. ट्रेडर ने अलर्ट देखकर इस ट्रेड को मंजूरी दे दी और फिर दोबारा सो गया. दावा किया गया है कि ये सबकुछ OpenCaw एजेंट की वजह से हुआ. 
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कुछ घंटे में बनाए 40 लाख रुपये
जब सुबह तक ये मार्केट्स बंद हुए तो बॉट ने करीब 43,800 डॉलर यानी लगभग 40 लाख रुपये का मुनाफा दिखाया. यह ट्रेडिंग कुछ ही घंटों के अंदर पूरी हुई, जिससे यह कहानी इंटरनेट पर तेजी से फैल गई.
यूजर ने X पर दावा किया है कि यह AI एजेंट खास तौर पर प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म Polymarket के लिए बनाया गया था. इसका काम दुनिया भर के डेटा सोर्स को लगातार स्कैन करना था ताकि ऐसे मौके मिल सकें जहां मार्केट में कीमतें असली खबरों के हिसाब से अभी अपडेट न हुई हों.
My OpenClaw agent woke me up at 3:47 AM with one message:

“6 markets resolving in the next 90 minutes. Need approval for $12K.”

I typed “yes” and went back to sleep.

Woke up to +$43,800.

For the past 9 days I’ve been running an agent that hunts timezone arbitrage on…
AI सिस्टम कई अलग-अलग जगहों से जानकारी ले रहा था. इसमें जापान सरकार की फीड, यूरोपियन संसद की लाइव स्ट्रीम, ऑस्ट्रेलिया की फाइनेंशियल न्यूज, फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और एशियाई सेंट्रल बैंकों की घोषणाएं शामिल थीं. इन जानकारियों के आधार पर बॉट तय करता था कि किस मार्केट में कीमत गलत चल रही है और वहां ट्रेड करना फायदेमंद हो सकता है.
असल में यह स्ट्रैटिजी टाइम-जोन आर्बिट्राज पर आधारित थी. इसका मतलब है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में किसी घटना का असर अलग समय पर बाजार में दिखता है. अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पहले से पता चल जाए कि किसी फैसले का नतीजा क्या होने वाला है, तो वह मार्केट के पूरी तरह अपडेट होने से पहले ट्रेड कर सकता है.
पॉपुलर हो रहे हैं शॉर्ट टर्म क्रिप्टो मार्केट
हाल के महीनों में ऐसे शॉर्ट-टर्म क्रिप्टो मार्केट तेजी से लोकप्रिय हुए हैं. कुछ प्लेटफॉर्म पर 5 मिनट या 15 मिनट के अंदर यह तय किया जाता है कि बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टो की कीमत ऊपर जाएगी या नीचे. इन मार्केट्स में तेज रफ्तार ट्रेडिंग के कारण छोटे-छोटे प्राइस गैप बनते हैं, जिनका फायदा ऑटोमेटेड बॉट उठाते हैं.
हालांकि इस कहानी को लेकर इंटरनेट पर बहस भी शुरू हो गई है. कुछ लोग इसे AI ट्रेडिंग की ताकत बता रहे हैं, जबकि कई एक्सपर्ट कह रहे हैं कि ऐसे दावों की पूरी तरह जांच जरूरी है.
क्या होते हैं AI ट्रेडिंग बॉट?
यह AI ट्रेडिंग बॉट असल में ऑटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम है जो बहुत तेजी से डेटा पढ़कर मार्केट में छोटे-छोटे मौके पकड़ता है और उसी पर ट्रेड करता है. इसमें इंसान को हर बार फैसला लेने की जरूरत नहीं होती, ज्यादातर काम सॉफ्टवेयर खुद करता है.
यह सिस्टम लगातार इंटरनेट से डेटा स्कैन करता रहता है. इसमें न्यूज वेबसाइट, सरकारी घोषणाएं, सोशल मीडिया, फाइनेंशियल डेटा और कई लाइव फीड शामिल होते हैं. बॉट का काम यह समझना होता है कि दुनिया में कहीं कोई ऐसी घटना हुई है जिसका असर मार्केट पर पड़ सकता है. 
इसके बाद बॉट प्रेडिक्शन मार्केट को मॉनिटर करता है. इन प्लेटफॉर्म्स पर लोग किसी घटना के होने या न होने पर पैसे लगाते हैं. उदाहरण के लिए क्रिप्टो की कीमत ऊपर जाएगी या नीचे, या कोई खास घटना होने वाली है या नहीं. कई बार ऐसा होता है कि असली दुनिया में खबर आ चुकी होती है लेकिन मार्केट की कीमत अभी तक उस खबर के हिसाब से नहीं बदली होती. यही वह मौका होता है जहां AI बॉट ट्रेड करता है.
मान लीजिए किसी खबर से साफ हो गया कि किसी घटना के होने की संभावना ज्यादा है, लेकिन मार्केट में अभी भी उसकी कीमत कम है. बॉट तुरंत सस्ते में उस पोजिशन को खरीद लेता है. जैसे ही बाकी लोग भी वही खबर देखते हैं और कीमत ऊपर जाती है, बॉट तुरंत अपना ट्रेड बंद करके मुनाफा ले लेता है.
इस तरह के ट्रेड बहुत छोटे होते हैं. एक ट्रेड से शायद कुछ डॉलर ही कमाई हो. लेकिन बॉट हर घंटे सैकड़ों बार ट्रेड कर सकता है. यही वजह है कि छोटे-छोटे मुनाफे मिलकर बड़ी रकम बन जाते हैं.
इस सिस्टम की एक और खास बात यह होती है कि यह लिमिट ऑर्डर का इस्तेमाल करता है. इसका मतलब यह है कि बॉट पहले से तय कीमत पर ही ट्रेड करता है ताकि जोखिम कम रहे. साथ ही यह कई मार्केट्स में एक साथ ट्रेड करता है ताकि अगर एक जगह मौका न मिले तो दूसरी जगह मिल सके.
 
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